War rescue: दिल्ली पहुंचते ही खिल उठे चेहरे, अबू धाबी से लौटे यात्रियों ने सुनाया मिसाइल हमलों का वो खौफनार मंजर...
नई दिल्ली। एतिहाद की उड़ान से अबू धाबी से लौटे यात्रियों के चेहरे की रौनक देखकर टर्मिनल-3 के आगमन पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति खुश नजर आ रहा था। इनमें न सिर्फ परिजन बल्कि वे लोग भी शामिल थे, जो इन यात्रियों की एक झलक देखने को बेताब थे।
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बताया गया कि फ्लाइट से अधिकांश यात्रियों ने अबू धाबी में बम के धमाके सुने, मिसाइलों के मलबे को आसमान से जमीन पर गिरते देखा। एक बात जो सभी कहते नजर आए कि उन्हें अबू धाबी के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी हमलों से सभी को बचाया। मिसाइल गिरते रहे, लेकिन इंटरसेप्ट होने के बाद केवल उनके मलबे गिरे। लोगों का कहना था कि कुल मिलाकर वहां के हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
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धमाके की आवाज सुनकर लगता था डर ..
उड़ान से नई दिल्ली पहुंचे यात्री शिव ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर डर लगता था। जहां तक तनाव की बात है तो थोड़ा बहुत तनाव तो युद्ध के समय स्वभाविक है। मिसाइल को लेकर प्रशासन सभी को सचेत रहने के संदेश भी भेजता रहता है। लेकिन अबू धाबी की एयर डिफेंस इतनी अच्छी है कि आपको एक तरह का भरोसा वहां अपने आप होने लगता है कि आप सुरक्षित हैं।
उड़ान को निलंबित कर दिया गया..
यात्री राहुल ने बताया कि मुझे 28 तारीख को लौटना था, मेरा बोर्डिंग पास तक बन गया, लेकिन फिर अचानक अबू धाबी से उड़ान को निलंबित कर दिया गया। हरपिंदर संधू कनाडा से नई दिल्ली आ रहे थे। अबू धाबी में इनकी कनेक्टिंग उड़ान थी, लेकिन यहां से फंस गए।
दिल्ली पहुंचकर मिल रही खुशी ..
हरपिंदर बताते हैं कि जीवन में पहली बार मिसाइलों के गिरने पर होने वाले धमाकों से पाला पड़ा। अपने बेटे व बहू के साथ लौटीं शशि ने कहा कि अबू धाबी से नई दिल्ली पहुंचकर जो खुशी मिल रही है, वह अनमोल है। अपने देश में खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हूं। ऊपर वाले का शुक्र है कि हमलोग वहां से सकुशल लौट आए।
उधर, अबू धाबी से लौटने वाले यात्रियों के परिजनों का कहना था कि जब से युद्ध शुरू हुआ, उनकी चिंताओं का कोई हिसाब नहीं है। लेकिन अब जब परिजन लौट आए हैं, तो इस खुशी को फिलहाल शब्दों में बयां करना कठिन है। ईश्वर किसी को युद्ध के दिन नहीं दिखाएं।
Edited by k.s thakur...




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