CG news : अंबिकापुर में न्यायालय की जमीन से कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर...
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों ने कहा कि शहर में बेहिसाब मकान शासकीय जमीन पर बने हैं। उन्होंने शासन की योजना के तहत पट्टा के लिए आवेदन भी दिया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अचानक नोटिस देकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह न्याय के अनुरूप नहीं है।
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अंबिकापुर। जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। न्यायालय की जमीन पर विकसित गुलाब कालोनी को जमींदोज करने के बाद उसके ठीक पीछे के निर्माणों को हटाने गुरुवार को एक्सीवेटर चलाया गया। यहां छह व्यक्तियों द्वारा मकान और दुकान का निर्माण किया गया था। इन मकानों में स्वयं रहने के साथ ही किराए पर भी दिया गया था।
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सभी अतिक्रमणकारियों को एक दिन पहले ही नोटिस जारी किया गया था। गुरुवार को एसडीएम फागेश सिन्हा,तहसीलदार उमेश बाज के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन का अमला एक्सीवेटर लेकर मौके पर पहुंचा। मकान मालिकों,किराएदारों ने उसके पहले ही सामानों को निकालना शुरू कर दिया था।
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कई परिवार ऐसे थे जो पिछले 30 से 40 वर्षों से निवासरत थे। घरों को खाली कराने और सामान बाहर निकालने में राजस्व विभाग के कोटवार तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने भी मदद किया।
ज्यादातर कब्जाधारी सामानों को छोटी मालवाहकों में भरकर अन्यत्र स्थानों में ले गए। कुछ लोगों ने नई व्यवस्था होने और सामानों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने समय देने की भी मांग की। इन सभी के बीच एक्सीवेटर से एक-एक कर निर्माणों को तोड़ना शुरू किया गया। पूरे स्थल को खाली कराने में एक-दो दिन का समय लग सकता है।
गुलाब कॉलोनी के बाद निजी निर्माण पर कार्रवाई..
जिला न्यायालय का नवीन भवन बनाया जाना है। इसके लिए राशि भी स्वीकृत है। लोक निर्माण विभाग को एजेंसी नियुक्त किया गया है। न्यायालय की जमीन पर कब्जा तथा शासकीय कालोनी विकसित होने के कारण काम आरंभ नहीं हो पा रहा है।
यही कारण है कि सबसे पहले गुलाब कालोनी के जर्जर आवासों को जमीदोंज कर जमीन खाली कराया गया। इसके बाद कालोनी के ठीक पीछे के हिस्से में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई ताकि न्यायालय भवन निर्माण के लिए संपूर्ण जमीन उपलब्ध कराई जा सके।
चठिरमा को लेकर अधिवक्ताओं ने किया था आंदोलन..
शहर से लगे चठिरमा में न्यायालय भवन निर्माण की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी।इस निर्णय का सरगुजा जिला अधिवक्ता संघ ने पुरजोर विरोध किया था। न्यायालयीन कामकाज बंद कर अधिवक्ताओं ने आंदोलन किया था और शहर में रैली निकाल वर्तमान न्यायालय परिसर में ही नवीन भवन निर्माण की मांग की थी ताकि आमजनों के साथ ही अधिवक्ताओं को भी परेशान न होना पड़े।
अधिवक्ताओं की मांग को देखते हुए आखिरकार वर्तमान स्थल पर ही जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण की सहमति बनी है। निर्माण कार्य जल्द आरंभ हो सके इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
जमीन के अभाव में आरंभ नहीं हो पा रहा नवीन भवन निर्माण..
जिला न्यायालय के वर्तमान परिसर में नवीन भवन निर्माण के लिए ड्राइंग डिजाइन तैयार है। न्यायालय की जमीन पर अतिक्रमण के कारण निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन भवन का निर्माण आरंभ नहीं किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अपनी समस्या बता चुके हैं इस कारण प्रशासन पर भी अतिक्रमित जमीन खाली करा उपलब्ध कराने का दबाब है। यही कारण है कि पहले गुलाब कॉलोनी और अब उससे लगे जमीन पर निर्मित दुकानों,मकानों को तोड़ा जा रहा है।
न्यायालय की जमीन पर कुल छह लोगों का कब्जा था। इन्होंने तहसील न्यायालय और एसडीएम न्यायालय में याचिका भी प्रस्तुत किया था। दोनों राजस्व न्यायालयों से प्रकरण खारिज हो गया था।
अतिक्रमणकारी राजस्व मंडल भी गए थे। वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिल सकी। सात जनवरी से ही सभी को पता था कि वे केस हार चुके हैं। सभी को नोटिस भी जारी किया गया था। नोटिस के परिपालन में कब्जा खाली नहीं किया गया इसलिए कार्रवाई करनी पड़ी। फागेश सिन्हा, एसडीएम अंबिकापुर..
Edited by k.s thakur...





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