'पहचान पूछकर गोली मारी', बोले कुलगाम आतंकी हमले में मारे गए मजदूरों के परिजन; खरगे ने कहा- यह क्रूर मानसिकता...
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए दो मजदूरों के परिवार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने गोली चलाने से पहले पीड़ितों से उनकी पहचान और धर्म के बारे में पूछा था। यह घटना अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में बचे लोगों के बयानों जैसी ही है।
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शुक्रवार रात कुलमाग में एक ईंट भट्टे पर आतंकियों के हमले में मारे गए दो प्रवासी मजदूरों में छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे भी शामिल थे। दूसरे पीड़ित की पहचान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 28 साल के भूपेंद्र भइना के तौर पर हुई है।
एएनआई के बात करते हुए, दीपक के चाचा हलधर रात्रे ने दावा किया कि हमलावरों ने पहचान पूछने के बाद मजदूरों को निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया, 'हमने सुना है, उनके मुताबिक आतंकियों ने उसकी जाति और समुदाय के बारे में पूछने के बाद उसे गोली मारी। आतंकियों की इस हरकत को देखिए, उन्होंने उसकी जाति पूछी और फिर उसे गोली मार दी, एक मजदूर पर गोली चलाई।
हालांकि अधिकारियों की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मारे जाने से पहले दोनों मजदूरों की पहचान की गई थी, जो आतंकवाद की क्रूर मानसिकता को दर्शाता है।
यह घटना अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।
Edited by k.s thakur...



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