MP news : PNB में 5.49 करोड़ का खेल! फर्जी ऋण बांटकर गिरवी अनाज कराया रिलीज, 11 आरोपी शिकंजे में...
ग्वालियर : पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की अशोकनगर शाखा में करोड़ों रुपये के कथित ऋण घोटाले का मामला सामने आया है।
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आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक, वेयरहाउस संचालकों, एनसीएमएल कंपनी के कर्मचारियों और कई हितग्राहियों सहित 11 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2019 के बीच कथित मिलीभगत से अपात्र हितग्राहियों को 5.49 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया, जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। अब मामले की विस्तृत जांच जारी है।
शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने शुरू की जांच : ईओडब्ल्यू के मुताबिक, मामले की शिकायत पंजाब नेशनल बैंक की अशोकनगर शाखा के वर्तमान शाखा प्रबंधक ने की थी। इसके बाद मुख्यालय भोपाल ने प्रारंभिक जांच दर्ज कर प्रकरण को ईओडब्ल्यू ग्वालियर को सौंपा।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक नितिन जायसवाल ने एनसीएमएल कंपनी के कर्मचारियों राजकुमार मीणा और सचिन्द्र जैन के साथ-साथ वेयरहाउस संचालकों राजेन्द्र कुमार और श्रयांश कुमार की कथित मिलीभगत से अपात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृत किया।
बिना ऋण चुकाए ही रिलीज कर दिया गया गिरवी रखा अनाज : जांच में यह भी सामने आया कि ऋण का भुगतान किए बिना ही वेयरहाउस में गिरवी रखे गए खाद्यान्न को रिलीज कर दिया गया। इससे बैंक को लगभग 5.49 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
आरोप है कि संबंधित हितग्राहियों ने न तो ऋण का भुगतान किया और न ही खाद्यान्न रिलीज कराने के लिए कोई वैध आवेदन दिया था।जांच में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं : ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया कि ऋण मंजूर करने से पहले हितग्राहियों की सिबिल रिपोर्ट का सत्यापन नहीं किया गया।
साथ ही वेयरहाउस के स्टॉक और स्टॉक रजिस्टर की जांच भी नहीं हुई तथा नियमानुसार कोलेट्रल मैनेजर को कोई पत्र जारी किए बिना खाद्यान्न रिलीज कर दिया गया।
इन तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।
Edited by k.s thakur...



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