CG news : महादेव बेटिंग ऐप घोटाला ; शेफाली बग्गा पर ED का शिकंजा, रायपुर में की पूछताछ, क्या है कनेक्शन?
रायपुर : करीब 6 हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेलीविज़न होस्ट शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ की।
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अधिकारियों के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी इस दौरान उनके कथित वित्तीय लेन-देन, बेटिंग ऐप के प्रचार-प्रसार और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि शेफाली बग्गा का महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से करीबी संबंध रहा है।
जांच एजेंसी का दावा है कि खंजन ठक्कर महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े हवाला नेटवर्क का प्रमुख संचालक है और बेटिंग कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन करता था। इसी कड़ी में ईडी अब उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान ईडी को कई डिजिटल साक्ष्य और प्रमोशनल पेज मिले हैं, जिनमें शेफाली बग्गा कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग ऐप का प्रचार करती दिखाई दे रही हैं। एजेंसी का कहना है कि कुछ प्लेटफॉर्म पर वह खिलाड़ियों को बेटिंग से जुड़े टिप्स भी देती थीं।
इन सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।ईडी के अनुसार, शेफाली बग्गा का एक टेलीग्राम चैनल भी जांच के दायरे में है। एजेंसी आरोपों की पड़ताल कर रही है कि इस चैनल के जरिए अवैध ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े प्रमोशनल कंटेंट और टिप्स साझा किए जाते थे।
इसके अलावा दुबई और लंदन जैसे विदेशी शहरों से संचालित किए जा रहे बेटिंग ऐप के प्रचार-प्रसार में उनकी कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे चर्चित आर्थिक अपराधों में शामिल है।
ईडी का आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित रकम को हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से देश-विदेश में इधर-उधर किया गया। इस मामले में पहले भी कई राज्यों में छापेमारी, संपत्ति जब्ती, गिरफ्तारी और पूछताछ की कार्रवाई की जा चुकी है।
कई आरोपियों के खिलाफ ईडी विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर चुकी है।अब शेफाली बग्गा से पूछताछ को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बेटिंग ऐप के प्रचार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन और कथित आर्थिक लेन-देन में उनकी क्या भूमिका रही और क्या उन्हें इसके बदले किसी प्रकार का आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
Edited by k.s thakur...



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