देर से मगर दमदार अंदाज में पहुंचा मानसून, दिल्ली-NCR से यूपी-एमपी तक आंधी-बारिश का अलर्ट...

देर से मगर दमदार अंदाज में पहुंचा मानसून, दिल्ली-NCR से यूपी-एमपी तक आंधी-बारिश का अलर्ट...


नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरलम में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर केरलम में मानसून एक जून को पहुंचता है, लेकिन इस बार इसका आगमन तीन दिन की देरी से चार जून को हुआ।

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आते ही इसने रफ्तार भी पकड़ ली है और पहले दिन ही पूरे केरलम को कवर कर तेजी से आगे बढ़ने लगा है। शुक्रवार तक गोवा एवं तमिलनाडु के साथ कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि अगले कुछ ही दिनों में मानसून दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के बड़े हिस्से में तेजी से आगे बढ़ सकता है। आइएमडी ने पूर्व में केरलम में मानसून के आने की संभावित तिथि 26 मई बताई थी, लेकिन सामुद्रिक हलचल के कारण रफ्तार धीमी पड़ गई थी।

मानसून को लेकर आईएमडी सतर्क है। पूरे मौसम के लिए वर्षा का अनुमान सामान्य से लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अलनीनो को बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि, अभी अलनीनो का असर कमजोर है, लेकिन सितंबर तक इसके मजबूत होने की आशंका है।

दक्षिण में मानसून की दस्तक के साथ उत्तर में पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे देश में बारिश की स्थितियां उत्पन्न कर दी हैं। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जो अगले दो-तीनों तक जारी रह सकती हैं।

आईएमडी के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मानसून के गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि रफ्तार अगर ऐसे ही बनी रही तो 15 जून तक बंगाल, बिहार और झारखंड के कई इलाकों में भी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है।

बहरहाल, केरलम में मानसून की एंट्री के साथ ही जोरदार बारिश का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश में अगले सात दिनों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। तमिलनाडु में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच से छह दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा।

उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना है। इससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में अंधेरा छा गया और तेज बारिश हुई। कुछ स्थानों पर आंधी के कारण पेड़ गिर गए और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि लोगों को तापमान में गिरावट के रूप में राहत भी मिली।

मौसम विभाग ने मानसून को लेकर सतर्कता बनाए रखी है। विभाग ने पूरे मौसम के लिए वर्षा का अनुमान सामान्य से कम यानी दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। 

इसके पीछे प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अलनीनो परिस्थितियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। फिलहाल अलनीनो का प्रभाव कमजोर है, लेकिन सितंबर तक इसके मजबूत होने की आशंका जताई गई है।




Edited by k.s thakur...

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