CG news : सरकार ने जमीन तो ले ली, लेकिन मुआवजा भुगतान अब तक अधूरा, 17 परिवार परेशान...
रायपुर : रायपुर की गुढ़ियारी रोड चौड़ीकरण परियोजना में मुआवजा भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पहाड़ी चौक से रेलवे अंडरब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन देने वाले 17 जमीन मालिकों को अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिल सकी है।
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भुगतान में देरी के कारण प्रभावित परिवारों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।शुरुआत में यह चर्चा सामने आई थी कि मुआवजे के चेक बाउंस हो गए हैं, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि तकनीकी रूप से चेक बाउंस नहीं हुए। दरअसल, संबंधित खातों में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
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प्रभावित लोगों के अनुसार उन्हें 12 मई को मुआवजे के चेक सौंपे गए थे, लेकिन बैंक में जमा करने के बाद भी रकम उनके खातों में नहीं पहुंची।जानकारी के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रभावित परिवारों ने शासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के नाम पर अपनी जमीन की रजिस्ट्री पहले ही करा दी थी।
जमीन हस्तांतरण के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द मुआवजे की राशि मिल जाएगी, लेकिन लंबे इंतजार के कारण अब उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने मुआवजे की रकम के भरोसे अपने आर्थिक और पारिवारिक योजनाएं बनाई थीं।
समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों की जमीन तो ले ली गई, लेकिन भुगतान के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बताया।कांग्रेस नेताओं ने लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत को भी घेरते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं और टेंडर प्रक्रिया तक सीमित रह गई है, जबकि जमीन देने वाले परिवार परेशान हैं।
इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। हालांकि प्रभावित लोगों का कहना है कि विभाग ने उन्हें सोमवार तक मुआवजे की राशि खातों में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया है। वहीं विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो प्रभावित परिवार आंदोलन तेज कर सकते हैं।
Edited by k.s thakur...




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