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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंग...जहाजों के लिए मौत की घंटी, जापान ने ईरान के सामने रखा ये प्रस्ताव...

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंग...जहाजों के लिए मौत की घंटी, जापान ने ईरान के सामने रखा ये प्रस्ताव...


नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज आ गया है। ये वो रास्ता है, जहां से दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो गई है।

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ईरान ने इस जलमार्ग में बारूदी सुरंग बनाई हुई है, जिससे जहाजों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह तबाह किया जा सकता है। ईरान की बनाई इस बारूदी सुरंग से दुनिया के सभी देशों को खतरा है।

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होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंग..

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। इसके बाधित होने से दुनिया में तेल की सप्लाई पर प्रभाव पड़ा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20-25 फीसद हिस्सा संभालता है। यह ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और ईरान ने अब इस जलमार्ग को बंद करके दुनिया के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

इस जलमार्ग में बिछी बारूदी सुरंग से यहां से आने-जाने वाले जहाजों पर हर वक्त बम विस्फोट का खतरा बना रहता है, क्योंकि इस सुरंग का रिमोट कंट्रोल ईरान के हाथ में है।


माइंस हटाने की तकनीक में माहिर जापान..

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे इस युद्ध का आज 23वां दिन है। जापान ने इस होर्मुज जलडमरूमध्य की बारूदी सुरंग को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रस्ताव रखा है।

इस जंग के बीच आज रविवार को जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने प्रस्ताव रखा कि अगर मिडिल ईस्ट में सीजफायर हो जाता है तो जापान माइनस्वीपर जहाजों के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछे बारूद के जाल को हटा सकता है।

क्या होते हैं माइनस्वीपर जहाज?

जापान के पास ऐसे विशेष माइनस्वीपर जहाज हैं, जो समुद्र में बिछी संभावित माइंस को निष्क्रिय करने की ताकत रखते हैं और जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग देते हैं।

जापान के पास समुद्र में बिछी मांइस का खात्मा करने वाला सबसे सक्षम संगठन मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JMSDF) है, जो कि आधुनिक तकनीकों से लैस है।

जापान के पास मौजूद माइनस्वीपर जहाजों में 'आवाजी क्लास' जैसी आधुनिक तकनीक है। इसमें खास बात यह है कि इन जहाजों को फाइबर-रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक से बनाया जाता है, जिसे इन जहाजों पर माइंस का चुबंकीय असर नहीं होता और ये जहाज माइंस के खतरे से बच जाते हैं।

माइनस्वीपर मानव रहित अंडर वाटर जहाज हैं। इनमें बेहतर सोनार सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ये हाई-रेजोल्यूशन से माइंस का पता लगाते हैं और माइंस न्यूट्रलाइजिंग सिस्टम के जरिए उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं।






Edited by k.s thakur...

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