MP पप्‍पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पटना पुलिस; समर्थकों से नोकझोंक, 35 साल पुराने मामले में कार्रवाई...

MP पप्‍पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पटना पुलिस; समर्थकों से नोकझोंक, 35 साल पुराने मामले में कार्रवाई...


पप्पू यादव को 35 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार करने पटना पुलिस उनके आवास पहुंची। MP-MLA कोर्ट ने लगातार अनुपस्थिति के कारण उनके और दो अन्य के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश दिया था। 

        Ad..


यह मामला 1995 का है, जिसमें मकान धोखाधड़ी से किराए पर लेने का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई के बाद उनके समर्थक जमा हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अगली सुनवाई 7 फरवरी 2026 को है।

        Ad..


पटना। 35 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्‍पू यादव की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस शुक्रवार देर रात उनके मंदिरी स्‍थ‍ित आवास पहुंची। 

Ad..


पुलिस ने सांसद से कहा कि हम आपको गिरफ्तार करने आए हैं। इस पर सांसद ने कहा कि वे रात में कहीं नहीं जाएंगे। उन्‍होंने पुलिस अधिकारी को सुबह आने को कहा। 

इस बीच काफी संख्‍या में उनके समर्थक भी पहुंच गए। पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। वे वारंट दिखाने की मांग करने लगे। फिलहाल वहां गहमागहमी की स्‍थ‍ित‍ि है। मीड‍िया भी वहां पहुंच गई है।

सांसद ने आरोप लगाया कि सिवि‍ल ड्रेस में दीपक नाम का इंस्‍पेक्‍टर पहुंचा। उसकी कमर में रिवॉल्‍वर था। वह गोली चला सकता था। 

सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्‍हें मारने की साजिश है यह। वे रात में कहीं नहीं जाएंगे। इस बीच उन्‍होंने फेसबुक पर भी पोस्‍ट बिहार पुलिस पर तंज कसा है। 

सांसद ने कहा क‍ि कोर्ट ने कल बुलाया था। लोकसभा का सत्र खत्‍म हुआ, वे यहां आए। कोर्ट का सम्‍मान करते हैं। शनिवार को 11 बजे कोर्ट जाना था।  

इस तरीके से जो व्‍यवहार किया गया है, यह काफी खतरनाक है। पिछली बार कोरोना के समय और अब बेटी के साथ ज्‍यादती का मामला उठाने पर यह व्‍यवहार किया गया है। सांसद ने कहा कि पुलिस के पास गिरफ्तारी का वारंट तक नहीं है। 

क्‍या है मामला?

बता दें कि धोखाधड़ी पूर्वक मकान किराया पर लेने और धमकी देने के मामले में एमपी-एमएलए अदालत ने निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव समेत तीन आरोपितों के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया था।

विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने जिन आरोपितों के खिलाफ यह आदेश दिया, उनमें अन्‍य आरोपित शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद हैं। अदालत में आरोपितों की लगातार अनुपस्थिति के कारण यह आदेश जारी किया गया है।

पूर्व में जारी किया जा चुका है वारंट ..

इससे पूर्व तीनों आरोपितों की उपस्थिति के लिए गिरफ्तारी का वारंट एवं इश्तेहार जारी किया जा चुका था। मामले में सुनवाई के लिए अदालत ने 7 फरवरी 2026 की अगली स्थिति निश्चित की है।

मामला वर्ष 1995 का है। आरोप के अनुसार शैलेंद्र प्रसाद नामक एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता का मकान किराये पर लिया।

बाद में पता चला कि वह मकान सांसद ने धोखाधड़ी पूर्वक अपना कार्यालय चलाने के लिए लिया था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने इस संबंध में गर्दनीबाग थाना में प्राथमिकी संख्या 552/ 1995 दर्ज कराई थी।





Edited by k.s thakur...

Post a Comment

أحدث أقدم