आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस होगा वैश्विक नियम? जयशंकर ने अरब लीग के नेताओं से की बात...
भारत और अरब लीग की दूसरी बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति और गाजा संघर्ष पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने गाजा विवाद के स्थायी समाधान को साझा प्राथमिकता बताया और आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस को वैश्विक नियम बनाने की अपील की।
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बैठक में सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए। बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने अरब लीग के मंत्रियों से मुलाकात कर भारत के विस्तारित पड़ोस के रूप में अरब दुनिया से गहरे संबंधों पर जोर दिया।
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नई दिल्ली। भारत और अरब लीग के विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति और गाजा संघर्ष पर भारत का पक्ष विस्तार से रखा।
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उन्होंने गाजा विवाद का स्थायी समाधान निकालने को पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत की भी साझा प्राथमिकता करार दिया और अरब लीग के देशों को आतंकवाद के खतरे से आगाह करते हुए इसके खिलाफ जीरो-टालरेंस को वैश्विक नियम बनाने की अपील की।
शनिवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात की सह-अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्री और महासचिव शामिल हुए। इस तरह की पहली बैठक वर्ष 2016 में हुई थी।जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है, जिसमें राजनीति, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और जनसांख्यिकी सभी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में पिछले एक वर्ष में आए नाटकीय बदलावों का जिक्र किया। गाजा की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मुख्य फोकस बताते हुए कहा कि संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना को आगे बढ़ाना एक साझा प्राथमिकता है।
विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र की दूसरी समस्याओं जैसे सूडान में चल रहे संघर्ष, यमन में संघर्ष और समुद्री रास्ते से होने वाले आवागमन पर गाजा संकट के असर का जिक्र किया, जिससे सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में सैनिक तैनात किए गए हैं।
जयशंकर ने लीबिया में राष्ट्रीय संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत जताई और सीरिया में शांति स्थापना को पूरे क्षेत्र की भलाई के लिए जरूरी बताया। जयशंकर ने दोनों क्षेत्रों में आतंकवाद को साझा खतरा बताते हुए कहा कि सीमा-पार आतंकवाद पूरी तरह अस्वीकार्य है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
आतंकवाद से प्रभावित समाजों को आत्मरक्षा का अधिकार है और वे इसका प्रयोग करेंगे। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि इसके खिलाफ जीरो टालरेंस एक वैश्विक नियम होना चाहिए, जिसके साथ कोई समझौता न हो।
बैठक के बाद देर शाम अरब लीग के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने अरब दुनिया को भारत के विस्तारित पड़ोस का हिस्सा बताया।
उन्होंने सभ्यतागत संबंधों, लोगों के बीच गहरे जुड़ाव, भाईचारे की मजबूत कड़ी और शांति, प्रगति तथा स्थिरता की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही।
Edited by k.s thakur...





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