MH news : फरवरी में हो सकता है NCP का विलय, सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री; बैठकों का दौर जारी...

MH news : फरवरी में हो सकता है NCP का विलय, सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री; बैठकों का दौर जारी...


महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की नई उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं। शनिवार को राकांपा विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जा सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस पर सहमत हैं। अजीत पवार के निधन के बाद राकांपा में नेतृत्व का सवाल उठा है। पार्टी विलय और शरद पवार के महायुति में शामिल होने की भी चर्चाएं तेज हैं।

        Ad..


मुंबई। महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं। शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद उन्हें कल ही, या जल्दी ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ भी दिलाई जा सकती है।

Ad..


शुक्रवार को राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल, वरिष्ठ नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री छगन भुजबल एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। चारों के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई।

Ad..


सुनेत्रा के नाम पर फडणवीस भी हैं सहमत..

इस मुलाकात के बाद छगन भुजबल ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमत हैं। शनिवार को राकांपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। उसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।

भुजबल ने कहा कि कुछ परिवारों में शोककाल तीन दिन का तो कहीं 10 दिन का होता है। यदि इस प्रकार की कोई दिक्कत न रही, तो सुनेत्रा पवार को नेता चुने जाने के बाद उनका शपथग्रहण भी कल ही हो सकता है। इससे पहले प्रफुल पटेल ने भी प्रेस से बात करते हुए कहा था कि वह पवार परिवार से मिलकर आगे की योजना पर बात करेंगे।

बता दें कि बुधवार को बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पांच लोगों की मृत्यु हो गई थी। गुरुवार को बारामती में ही अजीत पवार का अंतिम संस्कार हुआ और शुक्रवार को बारामती के ही करहा एवं नीरा नदी के संगम में उनका अस्थि विसर्जन भी कर दिया गया।

राज्यसभा जाएंगे पार्थ पवार?

अजीत पवार के निधन के बाद से ही यह सवाल उठने लगा था कि अब उनकी पार्टी राकांपा का नेतृत्व कौन करेगा। तभी से ये कयास भी लगाए जा रहे थे कि अजीत दादा के स्थान पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं। कार्यकर्ताओं एवं कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी यही मांग उठ रही थी, ताकि पार्टी को एकजुट रखा जा सके।

सुनेत्रा पवार पिछला लोकसभा चुनाव अपनी ही ननद सुप्रिया सुले से हार गई थीं। उसके बाद अजीत पवार ने उन्हें राज्यसभा की सदस्यता दिलवाकर दिल्ली की राजनीति में भेज दिया था। अब यदि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो अजीत पवार के निधन से रिक्त हुई बारामती विधानसभा सीट से चुनाव भी वही लड़ेंगी। ऐसी स्थिति में उनके ज्येष्ठ पुत्र पार्थ पवार को उनके स्थान पर राज्यसभा में भेजा जा सकता है।

दोनों राकांपा में विलय की चर्चाएं भी तेज हुईं..

इस बीच अजीत पवार के नेतृत्ववाली राकांपा एवं उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्ववाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ये चर्चाएं अजीत पवार के जीवित रहते ही शुरू हो गई थीं। बताया जा रहा है कि पिछले डेढ़ माह के अंदर दोनों पार्टियों के विलय को लेकर 14 बैठकें हो चुकी हैं।

अजीत पवार के निधन के कुछ ही दिन पहले उनकी शरद पवार से भी इस सिलसिले में एक बैठक हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि जिला परिषद चुनावों के तुरंत बाद फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में दोनों पार्टियों के विलय की घोषणा की जानी थी। लेकिन इसी बीच अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

अब अजीत पवार के निधन से उपजे शून्य के फलस्वरूप दोनों पार्टियों के विलय की जरूरत और ज्यादा महसूस की जाने लगी है। यदि अजीत पवार के नेतृत्ववाली राकांपा एवं अजीत पवार का पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके पुत्र पार्थ एवं जय पवार सहमत होते हैं, तो जल्दी ही दोनों पार्टियों के विलय की औपचारिकता पूरी की जा सकती है।

महायुति में आएंगे शरद पवार?

ऐसी स्थिति में शरद पवार संगठन एवं सत्ता में अजीत पवार के परिवार को सम्मानजनक पद एवं प्रतिष्ठा देते हुए स्वयं पूरी पार्टी का नेतृत्व संभाल सकते हैं। लेकिन इसके लिए शरद पवार को महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी से नाता तोड़कर महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति एवं राष्ट्रीय स्तर पर राजग गठबंधन का हिस्सा बनना पड़ेगा।

क्योंकि अजीत पवार की पार्टी के 40 विधायक सत्ता छोड़कर विपक्ष में बैठना कतई पसंद नहीं करेंगे। यदि शरद पवार एवं भाजपा नेतृत्व इसके लिए राजी होता है, तो अजीत पवार के निधन का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।




Edited by k.s thakur...

Post a Comment

أحدث أقدم