Indian China Tension: सीमा पर चीनी निर्माण को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा, ड्रैगन के हर कदम पर सरकार की पैनी नजर..

Indian China Tension: सीमा पर चीनी निर्माण को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा, ड्रैगन के हर कदम पर सरकार की पैनी नजर..

विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई उपाय किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पश्चिमी क्षेत्र में चीन द्वारा बुनियादी ढांचे के निर्माण समेत सीमावर्ती इलाकों की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रही है।

नई दिल्ली, एएनआई: भारतीय विदेश मंत्रालय प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीन समेत कई अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने हाल के वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई उपाय किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी तरह के उचित कदम उठा रही है। वहीं, सीमावर्ती इलाकों में चीनी पक्ष द्वारा बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर खास निगरानी रखी जा रही है।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बागची ने बताया कि भारत 16-17 जून को विशेष आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। भारतीय विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। वहीं, अन्य आसियान सदस्य देशों के विदेश मंत्री और आसियान महासचिव बैठक में भाग लेंगे। 2022 को आसियान-भारत मैत्री वर्ष के रूप में नामित किया गया है।

बागची ने बीते दिनों बताया था कि सरकार ने चीन द्वारा पैंगोंग झील पर अपने पहले पुल के बगल में दूसरे पुल का निर्माण कराने की रिपोर्ट देखी है। ये दोनों पुल उस क्षेत्र में हैं जो 1960 से ही चीन के अवैध कब्जे में हैं। भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सवाल पर बागची ने कहा कि सरकार, खासकर 2014 के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों समेत बुनियादी ढांचे का तेजी से निर्माण करा रही है। सीमाई इलाकों में बुनियादी ढांचों के निर्माण का मकसद देश की रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही इन इलाकों में आर्थिक विकास को गति देना भी है।




(Courtesy : jagran)

Edited by k.s thakur..

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