Bihar news : गयाजी के गुरपा पर्वत पर गिरी बिजली, एक श्रद्धालु की मौत; 24 से अधिक लोग घायल...
फतेहपुर (गया)। पर्यटन स्थल गुरपा पर्वत की चोटी पर शनिवार की दोपहर करीब दो बजे तेज बारिश के बीच वज्रपात हुई। जिसकी चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। लगभग दो दर्जन लोग घायल हो गया।
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वर्षा से बचने के लिए पेड़ और पहाड़ की खोह (छोटी गुफा) के पास महिला, पुरुष और बच्चे छिपे थे। इसी दौरान गुफा के समीप जोरदार वज्रपात हुआ।
मृतक की पहचान विकास कुमार उर्फ निवास, उम्र 26 वर्ष ग्राम छत्तीसा थाना बेलागंज का रहने वाला है। इसके अलावा करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए।
अचानक हुए वज्रपात के बाद पहाड़ की चोटी पर अफरातफरी मच गई। घायल लोग दर्द से कराहने और मदद के लिए चिल्लाने लगे। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। संजोग अच्छा रहा भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।
घटना के बाद पहाड़ पर ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मियों ने तत्काल लोगों को संभाला और घटना की सूचना बीडीओ एवं स्थानीय थाना को दी।
इसके साथ ही वे राहत कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही बीडीओ शशि भूषण साहू और गुरपा थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल के पास पहुंचे।
बीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर को घटना की जानकारी देकर तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार और डीपीएम नीलेश कुमार, जनऔषधि के संचालक समर ने टनकुप्पा और वजीरगंज से एंबुलेंस मंगवाकर गुरपा भेजे। और घायलों के चिकित्सा सेवा जुटाने में लगे रहे।
वज्रपात के बाद पहाड़ पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। घायल कई लोगों को दो चार लोग मिलकर कंधे पर उठाकर पहाड़ की चोटी से नीचे लाए।
नीचे पहुंचते ही घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा जाने लगा। अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने एंबुलेंस से उतारकर घायलों का उपचार शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में अस्पताल का परिसर घायलों और उनके स्वजनों से भर गया। किसी के पैर में चोट थी तो किसी के हाथ-पैर में गंभीर चोट आई थी। घायलों में करीब 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 55 वर्ष तक के लोग शामिल थे।
सीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी घायलों का उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर चिकित्सा के लिए मगध मेडिकल कालेज एवं अस्पताल गया रेफर किया गया।
घायलों में अधिकांश स्थानीय लोग शामिल हैं। वहीं कुछ लोग रक्षाबंधन के अवसर पर अपने स्वजनों के घर आए थे। बताया गया कि स्वजन उन्हें गुरपा पर्वत घुमाने के लिए लेकर गए थे।
बारिश के दौरान सभी लोग पानी से बचने के लिए पहाड़ की खोह और पेड़ों के आसपास खड़े थे। इसी दौरान वज्रपात होने से बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।



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