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चॉकलेट-चांदी से व्हिस्की तक : भारत-ब्रिटेन डील 15 जुलाई से होगी लागू, देखें पूरी लिस्ट...

चॉकलेट-चांदी से व्हिस्की तक : भारत-ब्रिटेन डील 15 जुलाई से होगी लागू, देखें पूरी लिस्ट...



नई दिल्ली। एक और विकसित देश ब्रिटेन के साथ 15 जुलाई से कंप्रेहेंसिव इकोनॉमिक ट्रेड एग्रीमेंट (सीटा) पर अमल शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही बुधवार से ब्रिटेन जाने वाली 98 प्रतिशत भारतीय वस्तुओं पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

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इससे ब्रिटेन के बाजार में भारतीय वस्तुएं सस्ती होंगी और उनका निर्यात बढ़ेगा। ब्रिटेन जाने के रास्ते में अटकी वस्तुओं के साथ उन सभी वस्तुओं को भी सीटा का लाभ मिलेगा जिनका अभी ब्रिटेन के पोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस नहीं हुआ है।

ब्रिटेन सालाना 949 अरब डॉलर मूल्य की विभिन्न वस्तुओं का आयात करता है और इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 13.44 अरब डॉलर की है। इसलिए व्यापार समझौते से भारत को ब्रिटेन के बाजार में अपना निर्यात बढ़ाने का बड़ा मौका है। सीटा में सर्विस सेक्टर को भी शामिल किया गया है। ब्रिटेन सालाना 399 अरब डॉलर का सर्विस आयात करता है और इसमें भारत की हिस्सेदारी 21.66 अरब डॉलर की है।

15 जुलाई से ब्रिटेन में स्थित भारतीय कंपनियों में काम करने वाले 75,000 कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के नाम पर अपनी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा नहीं कटवाना होगा। इससे उनकी सैलरी में करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।

अभी ब्रिटेन में स्थित भारतीय कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के नाम पर करीब 23 प्रतिशत सैलरी ब्रिटिश सरकार के फंड में जमा करना होता है जो 10 साल से कम समय के लिए ब्रिटेन में काम करने पर उन्हें वापस भी नहीं मिल पाता है।

सीटा से भारत के साथ ब्रिटेन को भी भारत में अपनी वस्तुओं को कम शुल्क पर बेचने का मौका मिलने जा रहा है। खासकर ऑटोमोबाइल्स, अल्कोहल, चॉकलेट्स, चांदी, कॉस्मेटिक आइटम, मेडिकल उपकरण जैसे ब्रिटेन के आइटम अब भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। समझौते के मुताबिक, ब्रिटेन की इलेक्ट्रिक कार को पांच साल के बाद भारतीय में बाजार में कम शुल्क पर बेचने की इजाजत दी जाएगी।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में ब्रिटेन और भारत के बीच सर्विस व वस्तु को मिलाकर सालाना 55-60 अरब डॉलर का व्यापार किया जाता है जिसे वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगारपरक सेक्टर टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स-ज्वैलरी, इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात बढ़ने से घरेलू स्तर पर रोजगार में बढ़ोतरी होगी।

ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) के चेयरमैन मोहित सिंगला ने बताया कि ब्रिटेन में कई कृषि और प्रोसेस्ड आइटम पर 10 प्रतिशत से अधिक का शुल्क लगता है जो अब जीरो शुल्क पर जाएगा, इससे किसानों को लाभ मिलेगा। सीटा से एमएसएमई को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के सीईओ व महानिदेशक अजय सहाय ने बताया कि फुटवियर और टेक्सटाइल जैसे आइटम पर 12-16 प्रतिशत का शुल्क ब्रिटेन के बाजार में लगता है जो अब शून्य हो जाएगा। 

वहीं चीन के साथ ब्रिटेन का व्यापार समझौता नहीं है, इस कारण अब ब्रिटेन के बाजार में भारतीय वस्तुएं चीन की वस्तुओं से अधिक सस्ती होंगी और उनकी बिक्री बढ़ेगी।




Edited by k.s thakur...

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