CG news : राज्य में विधायक रामकुमार टोप्पो पर FIR के बाद बढ़ी सियासी हलचल, आपराधिक मामलों में घिरे 23 विधायक...

CG news : राज्य में विधायक रामकुमार टोप्पो पर FIR के बाद बढ़ी सियासी हलचल, आपराधिक मामलों में घिरे 23 विधायक...


रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों के दौरान नौ विधायकों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य की राजनीति में जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों पर चर्चा तेज हो गई है।

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इन नई कार्रवाइयों के साथ प्रदेश में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे विधायकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। हाल ही में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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मई 2026 में सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप लगने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

12 मई 2026 को बेमेतरा पुलिस ने भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सहित 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि गोवंशों की मौत के मुद्दे पर एक मंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई थी।

फरवरी 2026 में कांग्रेस विधायक ब्यास नारायण कश्यप समेत 12 लोगों को जांजगीर-चांपा मार्ग पर कथित रूप से सड़क जाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जनवरी 2026 में जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को एक किसान से 42.78 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 

यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के सहकारी बैंक से जुड़ा बताया गया था।जनवरी 2025 में जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ धर्म विशेष पर विवादित टिप्पणी से जुड़े मामले में परिवाद के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।

दिसंबर 2024 में सारंगढ़ से कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो को लेकर उन पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए थे। अप्रैल 2024 में कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा के खिलाफ नियमों के उल्लंघन और प्रधानमंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।

इसी दौरान लोकसभा चुनाव प्रचार के समय राजनांदगांव में आयोजित सभा में प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी के कारण कांग्रेस नेता डॉ. चरणदास महंत के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई थी। मार्च 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज एफआईआर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी नामजद आरोपित बनाया गया था।

छत्तीसगढ़ इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित 90 विधायकों में से 17 विधायकों ने अपने चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख किया था। यह संख्या कुल विधायकों का लगभग 19 प्रतिशत थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के 54 विधायकों में से 12 और कांग्रेस के 35 विधायकों में से पांच ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी दी थी।एडीआर द्वारा 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्रशासित प्रदेशों के 4,123 विधायकों में से 4,092 के चुनावी हलफनामों के विश्लेषण में पाया गया कि देश के लगभग 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ किसी न किसी प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।




Edited by k.s thakur...

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