131वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरा, सरकार बोली- महिलाओं को अधिकार दिलाकर ही रहेंगे...
नई दिल्ली। Parliament Special Session 2026 : बजट सत्र का विस्तार करते हुए सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जो गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को शुरू हो गया। इसमें तीन मुख्य विधेयक संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए। आज लोकसभा में वोटिंग होनी है।
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सरकार ने कहा है कि इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के कार्यान्वयन में तेजी लाना है। मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को केंद्र सरकार ने सांसदों के बीच ड्राफ्ट बिल बांटे। ये बिल महिलाओं के लिए आरक्षण कानून 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लागू करने और नए सिरे से परिसीमन करने से जुड़े हैं।
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लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, नहीं मिला दो तिहाई बहुमत..
ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर वोट विभाजन में हां के पक्ष में 298 और ना के पक्ष में 230 वोट पड़े। यह बिल दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हो पाया। इसलिए इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर निर्णय संभव नहीं है। यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, 'संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल पास नहीं हुआ, सदन में वोटिंग के दौरान इसे 2/3 बहुमत नहीं मिला।'
पहले राउंड में बिल के पक्ष में पड़े 278 वोट..
बिल के लिए पहले राउंड का मतदान पूरा हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में कुल 489 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। बिल के पक्ष में 278 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 211 वोट हुए।
कांग्रेस ने अब तक एक भी OBC प्रधानमंत्री नहीं दिया: अमित शाह..
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने अब तक एक भी OBC का प्रधानमंत्री नहीं दिया, भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, अति पिछड़ा समाज के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया।'
उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टूकड़े नहीं करना चाहिए: गृह मंत्री अमित शाह..
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, 'विपक्ष ने कुछ भ्रांतियां फैलाई हैं- 1) हम जाति जनगणना तो टालने के लिए यह कर रहे हैं। तीन महीने पहले हम जाति जनगणना का पूरा टाइमटेबल हम घोषित कर चुके हैं, इसे टालने का सवाल ही नहीं है। 2) उत्तर बनाम दक्षिण का नैरेटिव- मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि दक्षिण के राज्यों का भी इस सदन पर उतना ही अधिकार है जितना के राज्यों का है... उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टूकड़े-टूकड़े नहीं करना चाहिए, इससे ऊपर उठना चाहिए... जिन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली है वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं, हम यह नहीं होने देंगे।'
1976 में भी कांग्रेस ने परिसीमन को रोका, आज भी वहीं रोक रही है: अमित शाह..
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, '1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने परिसीमन विधेयक लाकर सीटों को 525 से बढ़ाकर 545 किया और फिर इसे फ्रीज कर दिया।
1976 में सत्ता बचाने के लिए आपातकाल के काल में 42वें संशोधन द्वारा परिसीमन पर रोक लगा दी... उस वक्त भी कांग्रेस पार्टी ने ही परिसीमन से देश की जनता को वंचित रखा था और आज भी कांग्रेस पार्टी ही परिसीमन से वंचित रख रही है। 2001 में 84वां संशोधन हुआ और 2026 तक सीटों की संख्या को फ्रीज कर दिया गया।'
परिसीमन का विरोध, SC/ST सीटों की बढ़ोतरी का भी विरोध: अमित शाह..
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'हमारे संविधान में समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है। परिसीमन से ही SC और ST जिसकी संख्या बढ़ती है उसकी सीटें बढ़ने का भी प्राविधान है। एक प्रकार से जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वह SC और ST सीटों की बढ़ोतरी का भी विरोध कर रहे हैं।'
Edited by k.s thakur...





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