UP news : 'दुनिया में युद्ध चल रहे और हम कर रहे रामराज्य की अनुभूति', अयोध्या में बोले सीएम योगी...
अयोध्या में चैत्र नवरात्र के पहले दिन रामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामयंत्र की प्रतिष्ठापना हुई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे।
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अयोध्या। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन रामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामयंत्र की प्रतिष्ठापना का अवसर स्मरणीय बन गया। इस सुयोग पर सत्ता के शीर्ष का रामलला के समक्ष नतमस्तक होने के साथ ही जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विकसित भारत की संकल्पना को अतिथियों के समक्ष रखा...
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तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है, लेकिन अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति के अभिवादन और श्रीरामयंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं।
कहा, भारत को ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और आस्था ने सदैव एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में बनाए रखा। श्रीरामजन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ जुड़कर न केवल प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी के मन में भी आनंद की अनुभूति हो रही है। सीएम ने कहाकि उत्तर प्रदेश में 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करने आए।
अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुंभ, मथुरा, वृंदावन में दर्शन करने जितने लोग आए, उतनी आबादी कई देशों की नहीं है। यह नया और बदलता भारत है। वर्तमान पीढ़ी अब दिग्भ्रमित नहीं है, वह सही दिशा में जा रही है। वह नववर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। लोग किसी ऐसे पर्यटक स्थलों पर नहीं जाते, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है।
सीएम ने राम मंदिर निर्माण यज्ञ में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों व श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले रामभक्तों के साथ ही संतों व दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल आदि को नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, राम परिवार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजारोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है।
सीएम ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। कहा, आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे।
नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा वृंदावन की बात करना भी अंधविश्वास का पर्याय बन गया था, लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी।
आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। कहा, राम मंदिर अब राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। कार्यक्रम का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने किया।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां अमृतानंदमयी (अम्मा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भैया जी जोशी, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों के पारिवारिक आदि उपस्थित रहे।
Edited by k.s thakur...




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