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CG news : भिलाई में एटीएम उखाड़ने वाले 'मेरठ गैंग' का पर्दाफाश, यूपी के दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार...

CG news : भिलाई में एटीएम उखाड़ने वाले 'मेरठ गैंग' का पर्दाफाश, यूपी के दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार...


भिलाई : थाना नंदिनी नगर क्षेत्र में एटीएम मशीन उखाड़कर चोरी करने की कोशिश करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दुर्ग पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। 

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पुलिस के अनुसार आरोपित रेकी कर सुनसान स्थानों पर स्थित एटीएम को निशाना बनाते थे।पुलिस के मुताबिक 13 नवंबर 2025 की रात करीब दो बजे ग्राम ननकट्ठी बस स्टैंड के पास स्थित हिताची कंपनी के एटीएम को आरोपितों ने तोड़फोड़ कर उखाड़ने का प्रयास किया। 

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प्रार्थी विनय कुमार (36) की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोपित एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के रूप में विभिन्न राज्यों में एटीएम मशीनों को निशाना बनाते हैं। घटना से पहले रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेकी कर सुनसान और हाईवे किनारे स्थित एटीएम का चयन किया गया था।

आरोपितों ने ग्राम गनियारी से मेटाडोर वाहन चोरी कर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। रस्सी और अन्य उपकरणों से एटीएम मशीन को वाहन से बांधकर खींचकर उखाड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन आसपास के लोगों के जागने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।

तकनीकी साक्ष्य और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर थाना माधवनगर, जिला कटनी (मप्र) के प्रकरण में गिरफ्तार आरीफ उर्फ बाठू और अहसान उर्फ एहसास की संलिप्तता सामने आई। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया, जहां उन्होंने घटना स्वीकार की।

आरोपी आरीफ उर्फ बाठू (35) निवासी मेरठ और अहसान उर्फ एहसास (35) निवासी शामली, उत्तरप्रदेश के हैं। इनके खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न थानों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे वारदात के दौरान मोबाइल फोन बंद रखते थे और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क करते थे। एटीएम के सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए पेंट या ग्रीस का उपयोग किया जाता था।

वारदात के लिए हर बार अलग वाहन का इस्तेमाल किया जाता था और नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। आरोपी होटल या ढाबों में नहीं रुकते थे और टोल से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते थे। रेकी के लिए वे कपड़ा बेचने या ड्राइविंग का काम करते हुए क्षेत्र में घूमते रहते थे।




Edited by k.s thakur...

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