CG news : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले बड़ा धमाका, सुकमा-बीजापुर में 51 माओवादियों ने किया सरेंडर...
CG News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के दक्षिणी बस्तर इलाके में माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। सुकमा और बीजापुर जिलों में पिछले 24 घंटों के भीतर कुल 51 सक्रिय माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है।
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सुकमा/बीजापुर। बस्तर के सुकमा और बीजापुर जिलों में शनिवार को 51 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। खास बात यह रही कि सुकमा में संगठन के निर्णयकारी ढांचे से जुड़े वरिष्ठ माओवादी कमांडरों ने हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ आत्मसमर्पण किया, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा रणनीतिक झटका लगा है।
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सुकमा जिले में 21 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें तीन डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) और 05 एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम) शामिल हैं। ये कैडर दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय रहे हैं और लंबे समय से सुकमा-बीजापुर-ओडिशा बेल्ट में माओवादी गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे। इन पर ₹76 लाख का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण के दौरान सुकमा में तीन एके-47, दो एसएलआर, एक इंसास, तीन बीजीएल लांचर, पांच सिंगल शाट, बड़ी मात्रा में राउंड, मैगजीन, जिलेटिन, डेटोनेटर और कार्डेक्स वायर सुरक्षा बलों को सौंपे गए। यह आत्मसमर्पण बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण और डीआआइजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित की उपस्थिति में हुआ।
इसी दिन बीजापुर जिले में साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 30 माओवादी कैडरों ने भी आत्मसमर्पण किया। इनमें 20 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले कैडर कंपनी पीपीसीएम(पार्टी प्लाटून कमेटी सदस्य), एरिया कमेटी सदस्य, पार्टी सदस्य, डीएकेएमएस, केएएमएस और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर सक्रिय थे।
इन पर ₹85 लाख का इनाम घोषित था। यहां आत्मसमर्पण उप पुलिस महानिरीक्षक (केरिपु आप्स) बीएस नेगी और पुलिस अधीक्षक डा. जितेंद्र कुमार यादव की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान कार्डेक्स वायर का एक बंडल और 50 जिलेटिन स्टिक भी सुपुर्द की गईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुदूर और दुर्गम इलाकों में नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, सड़क कनेक्टिविटी में सुधार, लगातार सफल माओवादी विरोधी अभियानों और शासन की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच से माओवादी संगठन का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है। इसका सीधा असर संगठन के भीतर असंतोष और मोहभंग के रूप में सामने आ रहा है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने कहा कि सुकमा में वरिष्ठ माओवादी कमांडरों का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि संगठन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है।
वहीं पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण और डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष सक्रिय माओवादी कैडरों से अपील की कि वे हिंसा और भ्रमित विचारधारा को छोड़कर ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ नीति के तहत मुख्यधारा में लौटें।
उल्लेखनीय है कि एक जनवरी 2024 से अब तक अकेले बीजापुर जिले में 918 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1163 गिरफ्तार किए गए हैं और 232 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
Edited by k.s thakur...




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