sim card: 3 साल तक नहीं मिलेगा मोबाइल सिम कार्ड, सरकार उठाएगी कड़ा कदम...


नई दिल्ली: साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग ने ब्लैकलिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे फर्जी सिम कार्ड और धोखाधड़ी वाले मैसेज भेजने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और अपराधों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

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क्या है पूरा मामला?

दूरसंचार विभाग के नए साइबर सुरक्षा नियमों के तहत:
  1. फर्जी नाम पर सिम कार्ड लेना अपराध होगा।
  2. फ्रॉडulent मैसेज भेजने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  3. ऐसे व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, और उनके सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
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ब्लैकलिस्टिंग का असर..

  • जिन व्यक्तियों के नाम ब्लैकलिस्ट में जोड़े जाएंगे, वे 6 महीने से 3 साल तक नया सिम कनेक्शन नहीं ले पाएंगे।
  • ब्लैकलिस्ट होने से संबंधित सिम कार्ड तत्काल प्रभाव से बंद हो जाएंगे।
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कार्रवाई की प्रक्रिया...
  1. सरकार पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी करेगी।
  2. व्यक्ति को 7 दिनों के अंदर जवाब देना होगा।
  3. सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए, सरकार बिना नोटिस दिए भी कार्रवाई कर सकती है।

2025 से शुरू होगा सख्त प्रावधान..

  • 2025 से ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया औपचारिक रूप से लागू होगी।
  • सरकार ने रिपोजिटरी ऑफ पर्सन बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें साइबर अपराधियों की जानकारी दर्ज होगी।
  • नवंबर 2024 में अधिसूचित नए टेलीकॉम एक्ट के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा के लिए नए प्रावधान..

नवंबर में अधिसूचित टेलीकॉम एक्ट के तहत सरकार ने साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नए नियम जोड़े हैं। इन नियमों का उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।




Edited by k.s thakur...