यूक्रेन के खिलाफ जंग में अब अफगानियों को भाड़े का सैनिक बना रहा रूस- सूत्र...
नई दिल्ली. अफगानिस्तान की पूर्ववर्ती सरकार के वक्त अफगान सेना का हिस्सा रहे सैनिक भी यूक्रेन की जंग में शामिल हो गए हैं. इन सैनिकों को अमेरिका द्वारा ट्रेनिंग दी गई थी और वे अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के वक्त ईरान भाग गए थे.
इस सूत्र ने कहा कि ईरानी सरकार और उसकी खुफिया एजेंसियों ने अपने सहयोगी रूस की ओर से लड़ने के लिए हजारा समुदाय के 300 से अधिक लड़ाकों को तैयार किया है. उन्होंने कहा, ‘इनमें से कुछ सैनिक रूसियों के साथ मिलकर यूक्रेन की सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं.’
यूक्रेन की ओर से भी लड़ रहे अफगान सैनिक
इस सूत्र ने News18 को बताया कि उन्होंने कुछ वीडियोज़ देखें हैं, जिसमें अफ़गानों को यूक्रेन की ओर से रूस के ख़िलाफ़ लड़ते हुए दिखाया गया है. उन्होंने अंदाज़ा लगाते हुए कहा कि ये लड़ाके भाड़े के सैनिक हो सकते हैं, जिन्हें संभवत: अमेरिका और दूसरी एजेंसियों ने भर्ती किया होगा.
पिछले साल अगस्त में जब अमेरिका ने लगभग दो दशक बाद अफगानिस्तान को पूरी तरह उसके हाल पर छोड़ दिया था. तब अमेरिकी सेना द्वारा प्रशिक्षित हजारों सैनिक भी अफगानिस्तान से भाग गए थे. उस अफरातफरी के आलम में करीब 20 हजार सैनिक अबू धाबी चले गए. इसके अलावा कुछ सैनिक अमेरिका चले गए, जबकि कई सैनिक भागकर ईरान जा पहुंचे थे.
वहीं सत्तारूढ़ तालिबान के एक प्रवक्ता ने News18 को बताया कि उसका कोई भी सैनिक यूक्रेन की लड़ाई में शामिल नहीं हुआ है.
इन सैनिकों के पास खोने को कुछ नहीं
अमेरिकी मैगजीन फॉरेन पॉलिसी ने सबसे पहले यह खबर दी थी. फॉरेन पॉलिसी के अनुसार, अफगान सेना के कुछ पूर्व कमांडो ने बताया है कि उन्हें रूस की ‘विदेशी सेना’ के साथ लड़ने के लिए वॉट्सऐप और सिग्नल पर ऑफर मिला है. इस कथित भर्ती प्रयासों की खबर ने अफगानिस्तान के पूर्व सैन्य और सुरक्षा हलकों में चिंता पैदा कर दी है. इनका कहना है कि करीब 10,000 पूर्व सैनिक रूस की तरफ से लड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं. फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य सैन्य सूत्र ने उसे बताया कि ‘उनके पास कोई देश नहीं है, कोई नौकरी नहीं है, कोई भविष्य नहीं है. उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है.’
बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग दिन ब दिन खतरनाक रूप लेता दिख रहा है. खबर है कि यूक्रेनी सेना दक्षिणी शहर खेरसॉन पर हमले की तैयारी कर रही है, जहां से रूस ने पहले ही अपने अधिकांश नागरिकों को बाहर निकाल लिया है. खेरसॉन यूक्रेन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्रीमिया प्रायद्वीप के बहुत करीब स्थित है, जिसे वर्ष 2014 में रूस अपने क्षेत्र में शामिल कर लिया था.
(Courtesy : news18)
Edited by k.s thakur...


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