CG news : छत्तीसगढ़ में फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे सालों तक उठाई सैलरी, 8 लोगों पर गिरी गाज, पुलिस को 'मास्टरमाइंड' की तलाश...
CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी लेटर के सहारे सालों से नौकरी कर रहे आठ लोगों का मामला अब कानूनी शिकंजे में आ गया है। बर्खास्तगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खैरागढ़ थाने में चार कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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खैरागढ़। जिले में राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी लेटर के सहारे सालों से नौकरी कर रहे आठ लोगों का मामला अब कानूनी शिकंजे में आ गया है। बर्खास्तगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खैरागढ़ थाने में चार कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह पूरा मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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जानकारी के अनुसार, राज्य शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर वर्ष 2021 से आठ लोग अलग-अलग शासकीय संस्थानों में कार्यरत थे। इन नियुक्तियों की भनक लगते ही खैरागढ़ जिले में फर्जी लेटर के सहारे नौकरी करने का मामला जोर-शोर से उठा, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
मामला उजागर होते ही अवकाश में गए..
मामले के उजागर होने पर खैरागढ़ जिले में पदस्थ चारों कर्मी अलग-अलग कारण बताकर अवकाश पर चले गए थे। जांच में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होने के बाद खैरागढ़ जिला शिक्षा अधिकारी लाल द्विवेदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद अब खैरागढ़ थाने में इनके खिलाफ अपराध दर्ज कराया गया है।
देर रात दर्ज एफआईआर में आरोपित कर्मियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 धोखाधड़ी, 468 जालसाजी, 471 फर्जी दस्तावेज का उपयोग और 120-बी आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला कायम किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की भूमिका की जांच में जुट गई है।
फर्जी नियुक्ति रैकेट से जुड़े और नाम भी सामने आ सकते हैं..
फर्जी लेटर के आधार पर खैरागढ़ और मोहला जिलों में हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के अलावा खैरागढ़ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में भी इनकी पदस्थापना की गई थी। खैरागढ़ जिले में मोहगांव के टीकम साहू उच्च माध्यमिक शाला बकरकट्टा में फगेंद्र सिन्हा, उच्च माध्यमिक शाला पैलिमेटा में सहायक ग्रेड के पद पर रजिया अहमद और छुईखदान के बीईओ कार्यालय में डाटा एंट्री आपरेटर के रूप में अजहर अहमद की नियुक्ति दिखाई गई थी।
इसी तरह मोहला जिले में डोलामणी मटारी, शादाब उस्मान, आशुतोष कछवाहा और मोहम्मद अमीन शेख अलग-अलग शालाओं में कार्यरत थे। खैरागढ़ जिला गठन के बाद रजिया अहमद को जिला कलेक्ट्रेट की डीएमएफ शाखा में और अजहर अहमद को अभियोजन शाखा में संलग्न किया गया था, जबकि फगेंद्र सिन्हा और टीकम साहू से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्य लिया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस फर्जी नियुक्ति रैकेट से जुड़े और नाम भी सामने आ सकते हैं।
Edited by k.s thakur...




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